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फ़तवा एक शख़्स के सवाल का, उसी के हालात में जवाब होता है। सवाल के बग़ैर फैलाया जाए तो वह कुछ और बन जाता है जो वह कभी था ही नहीं, और फ़तवों के अकसर झगड़े यहीं से शुरू होते हैं।
पुस्तकालय
अक़ीदा, फ़िक़्ह, तारीख़ और समकालीन सवालों पर लेख और शोध टिप्पणियाँ।
फ़तवा एक शख़्स के सवाल का, उसी के हालात में जवाब होता है। सवाल के बग़ैर फैलाया जाए तो वह कुछ और बन जाता है जो वह कभी था ही नहीं, और फ़तवों के अकसर झगड़े यहीं से शुरू होते हैं।
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