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मुफ़्ती सैयद मोहम्मद आलम मदारी

हाफ़िज़-ए-क़ुरआन · क़ारी · आलिम · मुफ़्ती · पीएच.डी. (हदीस)

मकनपुर शरीफ़, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश, भारत

इस्लामी मसाइल

प्रकाशित
27 जुलाई 2026
विषय
तहारत
मूल भाषा
اردو

वुज़ू किन चीज़ों से टूटता है

हनफ़ी मज़हब में सात चीज़ें वुज़ू तोड़ती हैं। शक उनमें से नहीं है: यक़ीन शक से नहीं टूटता।

तोड़ने वाली चीज़ें

जिनसे नहीं टूटता

बग़ैर शहवत औरत को छूना, थोड़ा ख़ून जो बहे नहीं, नकसीर जो सिर्फ़ लग जाए, मुँह भर से कम क़ै, नमाज़ में सीधे बैठे-बैठे ऊँघ जाना — इनमें से किसी से वुज़ू नहीं टूटता।

वह क़ायदा जो अक्सर सवाल हल कर देता है

यक़ीन शक से ज़ाइल नहीं होता।

अगर आपको मालूम है कि वुज़ू किया था और शक है कि टूटा या नहीं, तो वुज़ू बाक़ी है। अगर मालूम है कि टूट गया था और शक है कि दोबारा किया या नहीं, तो वुज़ू नहीं है। यक़ीन पर अमल कीजिए, वसवसे पर नहीं।