मुफ़्ती सैयद मोहम्मद आलम मदारी
हाफ़िज़-ए-क़ुरआन · क़ारी · आलिम · मुफ़्ती · पीएच.डी. (हदीस)
मकनपुर शरीफ़, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश, भारत
इस्लामी मसाइल
- प्रकाशित
- 27 जुलाई 2026
- विषय
- तहारत
- मूल भाषा
- اردو
वुज़ू किन चीज़ों से टूटता है
हनफ़ी मज़हब में सात चीज़ें वुज़ू तोड़ती हैं। शक उनमें से नहीं है: यक़ीन शक से नहीं टूटता।
तोड़ने वाली चीज़ें
- आगे या पीछे के रास्ते से किसी चीज़ का निकलना।
- ज़ख़्म से ख़ून, पीप या पानी का बहना, जब वह निकलने की जगह से आगे बढ़ जाए।
- मुँह भर क़ै आना।
- लेट कर सोना, या किसी चीज़ से इस तरह टेक लगा कर सोना कि वह हटा दी जाए तो गिर पड़े।
- बेहोशी, नशा या जुनून की वजह से होश खो देना।
- ऐसी नमाज़ में क़हक़हा लगाना जिसमें रुकू व सजदा हो।
- किताबों में मज़कूर तफ़सील के मुताबिक़ पूरी शहवत के साथ जिस्म का मिलना।
जिनसे नहीं टूटता
बग़ैर शहवत औरत को छूना, थोड़ा ख़ून जो बहे नहीं, नकसीर जो सिर्फ़ लग जाए, मुँह भर से कम क़ै, नमाज़ में सीधे बैठे-बैठे ऊँघ जाना — इनमें से किसी से वुज़ू नहीं टूटता।
वह क़ायदा जो अक्सर सवाल हल कर देता है
यक़ीन शक से ज़ाइल नहीं होता।
अगर आपको मालूम है कि वुज़ू किया था और शक है कि टूटा या नहीं, तो वुज़ू बाक़ी है। अगर मालूम है कि टूट गया था और शक है कि दोबारा किया या नहीं, तो वुज़ू नहीं है। यक़ीन पर अमल कीजिए, वसवसे पर नहीं।